हड़प्पा जो है वो भारत की सबसे प्राचीन सभ्यता है जो की एक नगरीय संगठन था, जहां कई सारे चिन्ह पाए गए थे तब हड़प्पा सभ्यता ने मोहन जोदड़ो के शहर को पुनर्निर्माण किया जिसके बाद हड़प्पा सभ्यता शहरी जीवन की प्रगति पर आधारित थी.वही हड़प्पा को सिंधु घाटी सभ्यता से भी जोड़ा  जाता है क्योंकि ही हड़प्पा और  मोहन जोदड़ो  की खुदाई करने से इस सभ्यता के प्रमाण मिले थे. इस तरह विद्वानों ने इसे सिंधु घाटी की सभ्यता का नाम दिया, क्योंकि यह क्षेत्र सिंधु और उसकी सहायक नदियों के क्षेत्र में आते हैं.

वही हड़प्पा सभ्यता के लोगो के जो जीने का सलीका था वो काफी सुखद और शांतिपूर्ण था साथ ही लोग एक दूसरे के मदद के लिए हमेंशा खड़े रहते थे  वहां के लोगो के रहने का तरीका एक दम शहर की तरह हुआ करता था. वहां के घर पांच फुट की लंबाई और 97 फुट की चौड़ाई के हुआ करते थे.उनके भवनों में दो कमरे वाले घर होते थे.

बात दे की हड़प्पा के शहरों को बहुत ही अच्छी योजना और खूबसूरती से बनाया गया था.हड़प्पा के दुर्ग में छः कोठार मिले थे ,जो ईंटों के चबूतरे पर दो पांतों में खड़े थे .जनता के लिए मोहन जोदड़ो द्वारा स्नानघर की खोज की गई थी .यह सिंधु सभ्यता की मुख्य सुविधा में से एक थी. हड़प्पा सभ्यता के शहरों में मकान बनाने के लिए भी धूप में सूखी हुई ईंटों का इस्तेमाल किया जाता था.साथ ही आज की तरह उस समय पर भी नालिया बनायीं गयी थी जो की पानी  का इस्तेमाल करने  के बाद  नालियों में बहा दिया जाता था.

अब बात करते है उस सभ्यता में लोगो का पहनावा कैसे हुआ करता था ?


उस समय पर लोग कॉटन और ऊन से बने कपडे पहनते थे.ज्यादातर लोगों को इन कपड़ों के बारे में पता नहीं था. वे लोग कपड़े के दो अलग-अलग हिस्सों का इस्तेमाल करते थे, जो शरीर के ऊपरी और निचले हिस्से को ढ़कने में मदद करता था। उस समय आदमी दाढ़ी रखा करते थे  लेकिन मूंछें नहीं. साथ ही महिलाये  अपने बालों की लट को रिबन द्वारा बांधती थी, वह अपने बालों को कपड़े से ढ़कना पसंद करती थी.

वही पुरुष और महिलाये दोनों ही गहने पहनना करते  थे  तभी चांदी, तांबा और कांस्य, कंघी और सुई, दर्पण जैसे सामान भी पाए गाये थे.

हड़प्पा सभ्यता की लिपि कैसी थी?


उस समय की लेख ऐसी होती थी जो किसी को समझ नहीं आती थी क्योंकि सिरेमिक बर्तनों की मुहरों पर और शिलालेख पर पाए गए थे और लंबाई में 4 से 5 अक्षरों से अधिक नहीं थे; जिसमें सबसे लंबा अक्षर 26 था . जिसे विद्वान  भी नहीं समझ पाए.

हड़प्पा सभ्यता की अर्थव्यवस्था कैसी थी ?


हड़प्पा सभ्यता की जो अर्थव्यवस्था थी व्यापार पर निर्भर करती थी.  हड़प्पा जो इतनी तेज़ी से प्रगती की और बढ़ रहा था उसकी वजह थी परिवहन व्यापार. वे व्यापार के लिये बैल-गाड़ियाँ और नाव का इस्तेमाल करते थे और यही परिवहन का मुख्य स्रोत था

हड़प्पा सभ्यता की कला

उस समय पर लोगो को कला  का अच्छा ज्ञान था  वे लोग विभिन्न प्रकार के पुताई और चमकने वाले मिट्टी के बर्तनों को बनाकर उनका इस्तेमाल किया करते थे  साथ ही वह खुद ही  मूर्तियों की खोज कर उनको रंग दिया करते थे.

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