कैसे है भारत के अपने पड़ोसी मुल्क से सम्बन्ध? 

पड़ोसी मुल्क से सम्बन्ध कैसे डालता है भारत की आर्थिक स्थिति पर प्रभाव


आज़ादी के बाद भारत में आर्थिक, राजनीतिक , संस्कृति  तौर  पर कई  सारे बदलाव देखने को मिले है और भारत एक लोकतांत्रिक देश है. आज भारत वक़्त के साथ प्रगति की ओर तेज़ी से बढ़  रहा है. ऐसे  में यह भी मायने रखता है की भारत के  पड़ोसी देश के साथ रिश्ते कैसे है ? तो आज हम बात करेंगे भारत और उसके पड़ोसी देशो से रिश्तो के  बारे में. आपको बता दे, भारत के पड़ोसी  देशों में पाकिस्तान, चीन, नेपाल, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, म्यांमार  श्रीलंका तथा मालदीव शामिल है.

भारत – पाकिस्तान  सम्बन्ध


यह बात आप सभी जानते है कि  भारत और पाकिस्तान  के बीच शुरू से ही कुछ ख़ास अच्छे रिश्ते नहीं रहे है. वजह है वहां पर पनपता आतंक और  कश्मीर  मुद्दा.  पाकिस्तान  भारत पर जिस तरह से आतंकी हमलो को अंजाम देता रहता है उसे देखते हुए आए दिन भारत और पाकिस्तान के  बीच  रोज नई  जंग  छिड़ी जाती है.  जिसके चलते उनके रिश्ते ख़ास  अच्छे नहीं है.  इन दोनों के ख़राब  रिश्ते का  असर संयुक्त राष्ट्र  की बैठक में  भी  देखने  को मिलता है. वही भारत  पाकिस्तान के इस  इस रवैये  को देखने के बाद  भी उसके साथ  सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाता रहा है . जिसको लेकर भारत   पाकिस्तान  के साथ हमेशा शान्ति से   कश्मीर  मुद्दे  को हल  करने का पक्ष भी रखता है.

भारत – चीन  सम्बन्ध


बात करे अगर भारत और चीन के संबंधो  की तो  चीन  भारत का सबसे महत्वपूर्ण दूसरा पड़ोसी  देश है और साथ ही एशिया का तेज़ी से उभरता  हुआ शाक्तिशाली देश भी.  आज़ादी के  दौरान भी दोनों के बीच मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध रहे .भारत  ने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर चीन का सहयोग करते हुए उसे संयुक्त राष्ट्र  में स्थायी सदस्यता दिलवाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई और वर्ष 1955 में बान्डुंग   सम्मेलन में दोनों देशों ने एक-दूसरे का पूर्ण सहयोग करते हुए ‘हिन्दी-चीनी भाई-भाई’ का नारा लगाया, परन्तु तिब्बत विवाद के कारण इस मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध में दरार आ गई. वक़्त के साथ इनके रिश्तो में सुधार आया लेकिन आज भी इनके रिश्तो में सन्देह का वातावरण बना  हुआ.

साल 2014  में जब पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिन पिंग की यात्रा के  दौरान दोनों के डोकलाम सीमा विवाद को  ख़तम करने  के लिए चर्चा कि  और 16 समझौते  पर  हस्ताक्षर  किए तब जा कर  दोनों  देशो के बीच भाईचारे की भावना का विकास  हुआ

भारत – नेपाल सम्बन्ध


नेपाल के साथ भारत के रिश्ते शुरुआत से ही अच्छे रहे है.आपको बता दे कि  भारत और नेपाल के बीच  सन  1950  में शान्ति और  मैत्री सन्धि भी हो चुकी है  जिसके चलते भारत ने नेपाल को  1.50 बिलियन के पेट्रोलियम उत्पाद उपलब्ध कराए बल्कि चावल, गेहूँ मक्का, चीनी आदि के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबन्ध को भी हटा लिया था.साथ ही नेपाल एक गरीब देश है जिसके वजह से   भारत एक अच्छे पड़ोसी  होने के नाते नेपाल की आर्थिक स्थिति  को सही करने के लिए उसकी मदद  के लिए हमेशा आगे रहता है. फिर साल 2014 में प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल यात्रा के दौरान उसे 10,000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करने की घोषणा भी की थी.

भारत – बांग्लादेश सम्बन्ध


बांग्लादेश भारत का पड़ोसी देश है लेकिन बांग्लादेश को पहले पूर्वी पाकिस्तान के नाम से जाना जाता था  और यह पहले पाकिस्तान का ही हिस्सा था. लेकिन जिस तरह पाकिस्तान की सरकार बांग्लादेशियो के साथ तानाशाही व्यव्यहार करता था उसे देखते हुए सारे बांग्लादेशियों ने फिर भारत में शरण ली. दोनों   देशो के बीच इतिहास में जो भी रहा हो लेकिन आज बांग्लादेश  भारत का नम्बर एक  मित्र  बनना  चाहता है और देश में आर्थिक क्षेत्र को  मजबूत  बनाने के लिए  और ऑटोमोबाइल, ऊर्जा व उत्पादन के क्षेत्र में निवेश करने के लिए भारतीय कम्पनियों को आमन्त्रित कर रहा है.

 भारत- अफ़ग़ानिस्तान  सम्बन्ध


आज भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच  भाई राष्ट्र जैसा संबध  है  और भारत इस समय अफ़ग़ानिस्तान में निवेशक और पुनर्निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही भारत अफ़ग़ानिस्तान के विकास  के लिए मानवतावादी दृष्टिकोण पर उसे आर्थिक और सैन्य सहयता दे रहा  है. लेकिन बात करे दोनों के रिश्ते के इतिहास की तो पाकिस्तान  के साथ- साथ अफ़ग़ानिस्तान में भी  तालिबान का आतंक रहा है.

भारत- म्यांमार सम्बन्ध


आज़ादी के बाद भारत और म्यांमार के बीच हमेशा से अच्छे रिश्ते रहे है. तभी साल 2014 मी पीएम मोदी ने आसियान और पूर्वी एशिया शिखर सम्मलेन  के दौरान   अपने आपसी रिश्तो  को और  मजबूत करने के लिए  कहा.

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