भारत की आज़ादी की लड़ाई में लाखो लोगो ने भाग लिया था. लेकिन उस लड़ाई के दौरान लाखो लोगो में से कुछ लोग ही नए प्रतीक और  छवि के साथ उभरे थे.ये कहना गलत नहीं होगा की आज़ादी के लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों में अपने जीवन का त्याग किया.और इन्ही के कारण आज हम स्वतंत्र देश में रहने का मज़ा ले रहे है.हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के लिए परिवार,निजी ज़िन्दगी से ज़्यादा ज़रूरी था हमारे देश की रक्षा करना एवं देश की आज़ादी.इस पूरी लड़ाई में कई व्यक्तित्व उभरे ,कई तरह की घटनाओ का लोगो को सामना करना पड़ा,कई लोगो ने आज़ादी के लिए अपनी जान को दाव पर लगा दिया. अपने सम्मान और गरिमा के लिए हर कोई व्यक्ति देश के लिए मौत को गले लगाने का फैसला नहीं कर सकता.

आइये इस आर्टिकल के माध्यम से हम उन महानायको के बारे में बात करेंगे जिन्होंने देश को आज़ाद कराने के लिए जी जान लगा दी.


मंगल पांडे- 
मंगल पांडे का जन्म 19 जुलाई 1827 को हुआ. उनका जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के एक गांव नगवा में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था .उनके पिता का नाम ‘दिवाकर पांडे ‘ और माता का नाम ‘अभय रानी’ था. 22 साल की उम्र में 1849 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी में शामिल हुए थे.वे बैरकपुर की सैनिक छावनी में“34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री” की पैदल सेना में एक सिपाही था.यही पर गाय और सूअर की चर्बी वाले राइफल में कारतूस का इस्तेमाल करना शुरूकर दिया गया .जिससे की सैनको के भीतर आक्रोश की भावना जन्म लेने लगी.परिणामस्वरूप 9 फ़रवरी 1857 को ‘नया कारतूस’ को मंगल पांडे नए इस्तेमाल करने से मना कर दिया.29 मार्च सन 1857 को अंग्रेज अफसर मेजर ह्यूसन भगत सिंह से उनकी राइफल को छीनने लगे और तभी ह्यूसन को मौत के घात उतार दिया गया.इस कारण उनको 8 अप्रैल 1857 को मौत के घाट  उतार दिया गया.मंगल पांडे की मौत के कुछ समय बाद स्वतंत्रता संग्राम शुरू हो गया जिसे 1857 का विद्रोह कहा जाता है.

भगत सिंह –
भगत सिंह का जन्म 28 सितम्बर 1907 को पंजाब में हुआ था  . उनके पिता का नाम ‘किशनसिंह ‘ तथा उनकी माता का नाम ‘विद्यावती ‘ है.ये बात काफी हैरान कर देने वाली है ये सबसे छोटी उम्र के स्वतंत्रता सेनानी है जिन्होंने 23 वर्ष की ही आयु में मौत को गले लगा लिया.भगत सिंह पर अराजकतावादी तथा मार्क्सवादी विचारधाराओ  का काफी प्रभाव पड़ा था.लाला लाजपत राय की मृत्यु ने अंग्रेजो के खिलाफ लड़ने को मजबूर किया था.उन्होंने इसका बदला ब्रिटिश अधिकारी जॉन सॉंडर्स की हत्या करके बदला लिया.उनपर लाहौर षड्यंत्र का मुकदमा चला और 23 मार्च 1931 की रात को भगत सिंह को फ़ासी पर चढ़ा दिया गया.

पंडित जवाहरलाल नेहरू –
पंडित जहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को हुआ था. पंडित जवाहर लाल नेहरू को कई नामो से पुकारा जाता था जैसे – चाचा नेहरू और पंडित के नाम से बुलाया जाता था. उनके पिता का नाम पंडित मोती लाल नेहरू था और माता का नाम श्रीमती स्वरुप रानी था. वह भारत की स्वतंत्रता के लिए महात्मा गाँधी के साथ पूरी ताकत से लड़े एवं असहयोग आंदोलन के हिस्सा बने. आगे चलकर वे राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष बने.
और कुछ समय बाद वे दृढ़ संकल्प और दृढ़ विश्वास के साथ सविनय अवज्ञा आंदोलनमए भी महात्मा गांधी के साथ जुड़ गए.भारतीय स्वतंत्रता के लिए 35 साल तक लड़ाई लड़ी और 9 साल तक जेल भी गए   . 27 मई 1964 को उनका निधन दिल्ली में हो गया.

महात्मा गाँधी – महत्मा गाँधी का जन्म 2 अक्टूबर 1897 को हुआ था.महात्मा गाँधी  को कई नामो से पुकारा जाता था जैसे की – राष्ट्रीय पिता और बापू कहकर पुकारा जाता था.उनके पिता का नाम करमचंद्र गाँधी था तथा माता का नाम पुतलीबाई था.महात्मा गाँधी को महान स्वतंत्रता सेनानी के साथ साथ एक ऐसा व्यक्ति माना जाता था जिन्होंने दुनिया का रुख ही बदल डाला था  .उन्होंने सरल जीवन और उच्च विचारो को ही हमेशा प्रेरित किया  है.उनके तीन सिद्धांत थे – सच्चाई ,अहिंसा एवं राष्ट्रवाद.
उनके जीवनभर की गतिविधियों में मजदूरों के खिलाफ भूमि कर और भेदभाव का विरोध करना शामिल है  . 30 जनवरी 1948 नाथूराम गोडसे ने उनकी हत्या कर दी.

बाल गंगाधर तिलक- बाल गंगाधर का जन्म 23 जुलाई 1856 को हुआ.उनके पिता का नाम श्री गंगाधर रामचंद्र तिलक था और माता का नाम पार्वती बाई था. वे भारत के प्रमुख समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी और नेता थे.भारत में पूर्ण स्वराज की मांग उठाने वाले प्रमुख नेता थे.ब्रिटिश अधिकारियों ने उन्हें अशांति का जनक कहा.केसरी में प्रकाशित उनके आलेखों से पता चलता है कि वह कई बार जेल वे जेल भी गए.1 अगस्त,1920 को मुम्बई में उनका निधन हो गया था.

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