कर्णम मल्लेश्वरी का परिचय

कर्णम मल्लेश्वरी भारत की पहली महिला वेटलिफ्टर है. वर्ष 2000 में सिडनी में हुए ओलम्पिक खेलो में भारतीय खिलाड़ी कर्णम मल्लेश्वरी ने महिलाओ के 69 किलो वर्ग में कांस्य पदक जीत कर एक नया इतिहास रचा. वह ओलम्पिक पदक जितने वाली भारत की पहली महिला बनी. उस समय वह व्यक्तिगत पदक जितने वाली चौथी महिला बनी.

कब आई खेलो के क्षेत्र में कर्णम मल्लेश्वरी ?

कर्णम मल्लेश्वरी महिलाओ के क्षेत्र में 1989 में आई , जब वह केवल 14 वर्ष की थी. थाईलैंड की एशियन चैंपियनशिप में उन्हें रजत पदक मिला. 1993 में मेलबॉर्न की वेटलिफ़्टर विश्व चैंपियनशिप में तीन कांस्य पदक जीता.

1996 में आंध्र प्रदेश सरकार ने 500 गज ज़मीन का पुरस्कार स्वरुप में प्रदान किया गया. कर्णम मल्लेश्वरी की जीत की ख़ुशी में हरियाणा और आंध्र प्रदेश में जोर शोर से जश्न मनाया गया. कर्णम मल्लेश्वरी का कांस्य पदक जीतना भी भारत के लिए बहुत ही गौरव की बात रही. अपनी जीत की ख़ुशी में कर्णम मल्लेश्वरी ने भावुकता में कहा मेरा सपना पूरा हुआ और अब लगता है की मैंने अपने आप को साबित कर दिया है.

क्या क्या रही जीवन में कर्णम मल्लेश्वरी की उपलब्धि ?

  • 1990 – 91 में 52 किलो वर्ग में राष्ट्रीय चैंपियन बनी.
  • 1994 के एशियाई चैंपियनशिप मुकाबलों में कोरिया में 3 स्वर्ण पदक जीते.
  • इस्ताबूंल में 1994 के विश्व चैंपियनशिप 2 स्वर्ण व 1 रजत पदक जीता.
  • दक्षिण कोरिया में 1995 में विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता.
  • 1996 में जापान में एशियाई प्रतीयतोगिता में पदक जीता.
  • 1997 के एशियाई खेलो में किलो वर्ग में रजत पदक जीता.
  • 2000 में ओस्का चैम्पियनशिप में 63 किलो वर्ग में कर्णम मल्लेश्वरी ने स्वर्ण जीता.
  • खेलो का सर्वोच्च पुरस्कार ‘अर्जुन पुरस्कार’ भी उन्हें प्रदान किया गया. इसके अतिरिक्त उन्हें राजीव गाँधी खेल रतन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया

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